Tag Archives: entertainement

तरक्की का वहम-हिन्दी कविता


हमने तो चमन की तरक्की मांगी थी
मालियों ने सभी पेड़ पौधे उजाड़ कर
बताया कि
पुराना तबाह करेंगे
तभी तो नया बनाएंगे,
इंतजार करो
सामान आने दो
तुम्हारा सपना सच कर दिखाएँगे।
कहें दीपक बापू
हम कोसते हैं
उस पल को जब याचना की थी
अब तो रेगिस्तान देख रहें हैं
सुना है दस साल में
घूरे के दिन भी फिरते हैं
पता नहीं हम कब तक
इसी आसरे अपना तरक्की का वहम
उज्जवल भविष्य की तरह कागजों में लिखाएँगे।
वि, लेखक एवं संपादक-दीपक भारतदीप, ग्वालियर
poet,writer and editor-Deepak Bharatdeep, Gwaliro
यह आलेख इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप का चिंतन’पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.अनंत शब्दयोग
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
4.दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान पत्रिका

 5.दीपक बापू कहिन
6.हिन्दी पत्रिका 
७.ईपत्रिका 
८.जागरण पत्रिका 
९.हिन्दी सरिता पत्रिका