चुन लो अपने लिए चेन के पल


बोलते तो हर पल हैं

कभी खामोशी भी ओढ़ कर देख लो

देखते तो हर पल हैं

कभी आंख बंद कर भी देख लो

सुनते तो हर पल हैं

कुछ पल अनसुना भी कर दीजिए

सोचते तो हैं हर पल

कुछ पल मस्तिष्क में विचारों का

क्रम रोक कर भी देख लें

तब तुम्हें दिखाई देगा अपना अक्स

बात कर पाओगे अपने साथ खामोशी से

सुन पाओगे अपने ही अनकहे शब्द

देख पाओगे वह दुनियां

जो अभी तक नही देखी होगी

—————————

कभी इधर जाना है

कभी उधर जाना

यह करना है

वह करना

इसको सुनाना है

उसकी सुनना है

इसे देखना है

उसे दिखाना है

हर पल जीने की ख्वाहिश

पर फिर भी क्या ढूँढ पाते हैं

अपने लिए चुन पाते  चेन के पल

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टिप्पणियाँ

  • sanjaybengani  On अप्रैल 9, 2007 at 11:47 पूर्वाह्न

    अपना चिट्ठा नारद पर रजिस्टर करवा लें, एक बहुत बड़ा हिन्दी ब्लोगरों (चिट्ठाकारों) का वर्ग आपके ब्लोग से अनजान है.

  • sanjaybengani  On अप्रैल 9, 2007 at 11:54 पूर्वाह्न

    नारद सभी हिन्दी चिट्ठो की फीड को एक जगह देखने की सुविधा देने वाला संजाल है.
    narad.akshargram.com

  • शैलेश भारतवासी  On अप्रैल 9, 2007 at 6:20 अपराह्न

    संपादक जी,

    आपके ब्लॉग के संपर्क में आज पहली बार आया, पाया कि इस पर तो बहुत कुछ लिखा जा चुका है। कमेंट की संख्या कम देखकर लगता है कि बहुतेरे हिन्दी पाठकों को आपके ब्लॉग की सूचना नहीं है। या हम आपको खोज पाने में नाकाम रहे हैं।

    आप अपना ब्लॉग नारद, हिन्दी-ब्लॉग्स आदि एग्रीगेटर पर पंजीकृत करें। वैसे मैंने इसका लिंक हिन्द-युग्म से जोड़ दिया है।

  • rajlekh  On अप्रैल 10, 2007 at 2:11 अपराह्न

    sanjay baingaane jeee maine apnaa chithaa rajister karaa liya hia mujhe ummed hai ki aap aage bhe isee trh sampark rakhenge. main aapka chittha dekha hai, us per bahut jaldee comeent doongaa.
    aapkaa
    deepak raj kukreja

  • rajlekh  On अप्रैल 10, 2007 at 2:13 अपराह्न

    shailesh jee maine aapke khe anusar kal hee naara par apna chitha panjeekrat karaa liya hai. vh 223 namber par hai.

  • rajlekh  On अप्रैल 10, 2007 at 2:13 अपराह्न

    sanajay baingaanee jee aap dhyan den mer chitthaa222ven namber par hai.

  • rajlekh  On अप्रैल 10, 2007 at 2:14 अपराह्न

    sanjay jee
    mein aapkaa aabhaaree rhoonga aap apna sampark banaye rakhiyega.

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