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चाबुक का कमाल -हिंदी व्यंग्य कविता

वह अपनी जान बचाने के लिए हुकूमत के पहाड़ पर चढ़ गए हैं, नीचे आकर क्या लोगों की खातिर दुश्मनों से जंग लड़ेंगे. कहें दीपक बापू इंसानों में शेर कहलाने का शौक सभी को है मगर जिस शिकारी के हाथ में दौलत, शौहरत और ओहदे का चाबुक है उसके सामने  बड़े बड़े बहादुर भी नर्तक [...]

मनोरंजन के नाम पर सब हिट है-हिन्दी लेख

            देश में क्रिकेट लीग प्रतियोगिता प्रारंभ हो गयी है। अगले 54 दिन तक देश के अनेक मनोरंजन प्रिय लोगों के लिये यह आरामदायक स्थिति है। हैरानी इस बात की है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के दौरान हृदय में देशभक्ति का का भाव लेकर देखने वाले लोग अब ऐसी स्थानीय स्तर के प्रतियोगिता भी मनोरंजन [...]

तरक्की का वहम-हिन्दी कविता

हमने तो चमन की तरक्की मांगी थी मालियों ने सभी पेड़ पौधे उजाड़ कर बताया कि पुराना तबाह करेंगे तभी तो नया बनाएंगे, इंतजार करो सामान आने दो तुम्हारा सपना सच कर दिखाएँगे। कहें दीपक बापू हम कोसते हैं उस पल को जब याचना की थी अब तो रेगिस्तान देख रहें हैं सुना है दस [...]

चुनाव परिणाम और चमत्कार के आशा-हिन्दी लेख

मतदाता खुद चमत्कार नहीं करते-हिन्दी व्यंग्य लेखक दीपक भारतदीप ——————-                   चुनाव के समय नेताओं के आचरण पर अनेक तरह के कटाक्ष देखने को मिलते हैं मगर आम मतदाता पर कोई कुछ नहीं लिखता। यह मान लिया जाता है कि वह तो चेतन को धारण करने वाला जड़ वस्तु है। जैसा कहा जाएगा वैसा वह [...]

चमकदार ख्वाब-हिन्दी शायरी

बड़े बोल अपने ही जाल में फंसा देते हैं, जो बोले वह रोए बाकी जग को हंसा देते हैं। कहें दीपक बापू प्राण शक्ति अधिक नहीं है जिनमें वही बड़े सपने दिखते हैं, चमकदार ख्वाबों से अपनी किस्मत लिखते हैं, मगर ज़मीन पर बिखरे कांटो के सच उनको गर्दिश में धंसा देते हैं। ——————- लेखक [...]

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