मेरा परिचय=दीपक भारतदीप, ग्वालियर

 प्रात: योग साधना करना एव गीता का पाठ करना। इसके अलावा  लेखन के द्वारा मित्र बनाना । अर्थाजन में अधिक रूचि नहीं । मेरी मान्यता है कि आदमी की देह शाश्वत नहीं है पर जीवन शाश्वत है,लिखने के साथ उसका मजा भी लेता हूँ। देश के अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन। इन्टरनेट पर पिछले साल ही लिखना शुरू किया। ग्वालियर में निवास है

इसके अलावा मेरे दूसरे ब्लोग की सूची मुख्य पृष्ठ पर अंकित है।

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दीपक बापू कहिन का सहयोगी चिट्ठा-यहाँ मेरी मौलिक रचनाएं प्रकाशित है और इसके कहीं अन्य व्यवसायिक प्रकाशन के लिए मेरे से पूर्व अनुमति एवं पारिश्रमिक देना अनिवार्य होगा जो प्रति रचना दो हजार रूपये है । कोई लेखक इसका पूर्ण या आंशिक उपयोग कर सकता है पर उसके लिए उसे सूचना देना चाहिए ऐसा आग्रह है । ब्लोग लेखको के लिए कोई बंदिश नहीं है।दीपक भारतदीप, ग्वालियर

4 Responses to “मेरा परिचय=दीपक भारतदीप, ग्वालियर”

  1. अरे वाह
    आप भी ग्वालियर के हो
    मेइन भी वहिन रेह्ता हून ! :D
    आप किस इलाके मेइन रेह्ते हो ???

  2. sri deepak gi
    bahut achchha likhte hain aap
    abhi-abhi nya blog banaya hai lekin hindi tipe main bahut pareshani aa rahi hai gwalior ka hi nivasi hoon likhta rahta hoon saras salil, madhuri,madhurima or kai apradh kathayen madhur kathyen aadi main prakashit ho chooki hain. net par hindi main likhne ki koshish jari hai. agar madad kar sakein to meharbsni.

  3. शमशाद जी
    ऐसे ही मेरी भी हालत थी. आपको हिन्दी का टूल भेज रहा हूँ. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ जायेगा. आप टाईप करने का बाद बेक्स्पेस से वापस शब्द पर आयेंगे तो वैकल्पिक शब्द आयेंगे और आप उसको क्लिक कर दें और अगर शब्द पर क्लिक करेंग तो edit शब्द भी आएगा और उससे आप ठीक कर सकते हैं. आपके इस ब्लोग पर तो कमेन्ट लिख सकता हूँ पर आक्रोश ब्लोग पर मैं नहीं लिख पा रहा हूँ उसकी सेटिंग में जाकर कमेन्ट के कालम को सही करें. आपने जितना लिखा है ठीक है और आगे गति बढ़ जायेगी. शेष जानकारी समय पर भेजता रहूँगा
    दीपक भारतदीप
    http://www.google.com/transliterate/indic/

  4. आप के ताजा यानी लेटेस्ट लेख तलाशने का कौनसा तरीका अपनाऊ समझ में नहीं आता /आज सुबह ही आस्था धर्म अन्ध्विस्वास पर आपका लेख पढा कुछ कमेंट्स भी दिए आज रात को जब उसे दुबारा पढ़ना चाहा तो मिल ही नहीं रहा क्या लेख का नाम तथा तारीख डालने से ही वह लेख मिल जाया करे जैसे हाई कोर्ट के फेसले मिल जाते है वह १ अप्रिल का लिखा था दो अप्रेल का मिल गया लेकिन वह नहीं मिला अब तो रात ज्यादा हो गई है कल तलाश करूंगा

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