मेरा परिचय=दीपक भारतदीप, ग्वालियर

 प्रात: योग साधना करना एव गीता का पाठ करना। इसके अलावा  लेखन के द्वारा मित्र बनाना । अर्थाजन में अधिक रूचि नहीं । मेरी मान्यता है कि आदमी की देह शाश्वत नहीं है पर जीवन शाश्वत है,लिखने के साथ उसका मजा भी लेता हूँ। देश के अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन। इन्टरनेट पर पिछले साल ही लिखना शुरू किया। ग्वालियर में निवास है

इसके अलावा मेरे दूसरे ब्लोग की सूची मुख्य पृष्ठ पर अंकित है।

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दीपक बापू कहिन का सहयोगी चिट्ठा-यहाँ मेरी मौलिक रचनाएं प्रकाशित है और इसके कहीं अन्य व्यवसायिक प्रकाशन के लिए मेरे से पूर्व अनुमति एवं पारिश्रमिक देना अनिवार्य होगा जो प्रति रचना दो हजार रूपये है । कोई लेखक इसका पूर्ण या आंशिक उपयोग कर सकता है पर उसके लिए उसे सूचना देना चाहिए ऐसा आग्रह है । ब्लोग लेखको के लिए कोई बंदिश नहीं है।दीपक भारतदीप, ग्वालियर

12 Comments

  1. Posted March 16, 2008 at 5:17 AM | Permalink

    अरे वाह
    आप भी ग्वालियर के हो
    मेइन भी वहिन रेह्ता हून ! :D
    आप किस इलाके मेइन रेह्ते हो ???

  2. Posted March 28, 2008 at 4:41 AM | Permalink

    sri deepak gi
    bahut achchha likhte hain aap
    abhi-abhi nya blog banaya hai lekin hindi tipe main bahut pareshani aa rahi hai gwalior ka hi nivasi hoon likhta rahta hoon saras salil, madhuri,madhurima or kai apradh kathayen madhur kathyen aadi main prakashit ho chooki hain. net par hindi main likhne ki koshish jari hai. agar madad kar sakein to meharbsni.

  3. Posted March 28, 2008 at 1:35 PM | Permalink

    शमशाद जी
    ऐसे ही मेरी भी हालत थी. आपको हिन्दी का टूल भेज रहा हूँ. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ जायेगा. आप टाईप करने का बाद बेक्स्पेस से वापस शब्द पर आयेंगे तो वैकल्पिक शब्द आयेंगे और आप उसको क्लिक कर दें और अगर शब्द पर क्लिक करेंग तो edit शब्द भी आएगा और उससे आप ठीक कर सकते हैं. आपके इस ब्लोग पर तो कमेन्ट लिख सकता हूँ पर आक्रोश ब्लोग पर मैं नहीं लिख पा रहा हूँ उसकी सेटिंग में जाकर कमेन्ट के कालम को सही करें. आपने जितना लिखा है ठीक है और आगे गति बढ़ जायेगी. शेष जानकारी समय पर भेजता रहूँगा
    दीपक भारतदीप
    http://www.google.com/transliterate/indic/

  4. Posted April 7, 2008 at 5:46 PM | Permalink

    आप के ताजा यानी लेटेस्ट लेख तलाशने का कौनसा तरीका अपनाऊ समझ में नहीं आता /आज सुबह ही आस्था धर्म अन्ध्विस्वास पर आपका लेख पढा कुछ कमेंट्स भी दिए आज रात को जब उसे दुबारा पढ़ना चाहा तो मिल ही नहीं रहा क्या लेख का नाम तथा तारीख डालने से ही वह लेख मिल जाया करे जैसे हाई कोर्ट के फेसले मिल जाते है वह १ अप्रिल का लिखा था दो अप्रेल का मिल गया लेकिन वह नहीं मिला अब तो रात ज्यादा हो गई है कल तलाश करूंगा

  5. Posted June 10, 2008 at 5:42 AM | Permalink

    आदरणीय दीपक जी,
    आपका स्नेहभरा पत्र मेरे ब्लॉग पर अभी-अभी पढ़ने को मिला, आपकी रचना बहुत ही सुन्दर है, मानो तारे जमीं पर उतर आयें हों। आज ही अपके सभी ब्लॉगस का अवलोकन भी किया, सभी एक से बढ़कर एक हैं , बधाई,। ‘ई-हिन्दी साहित्य सभा’ में अपना योगदान दें। प्रतियोगिता में भी भाग लेवें, अन्य ब्लॉगस धारकों को भी प्रोत्साहित करें की वे भी भाग लेवें । प्रतियोगिता एक आधार तैयार करने के लिये किया जा रहा है। आगे जाकर इस मंच से राष्ट्रीय पुरस्कार देने की योजना भी है। जिसका निर्णय आप जैसे साहित्यकारों द्वारा ही संभव हो सकेगा। मेरी यह भावना है कि
    “जिन्दा रहने के लिये मिलते रहना जरूरी है”
    आपका ही:
    शम्भु चौधरी

  6. RAJ PAL JOSHI
    Posted August 30, 2008 at 1:08 PM | Permalink

    Mujhe jab bhi koi gwalior ka nam leta hai to wo
    banda apna rishtedar lagta hai itna lgav hai mujhe
    gwalior or gwalior ke bandon se

  7. RAJ PAL JOSHI
    Posted August 30, 2008 at 1:10 PM | Permalink

    Mujhe jab bhi koi gwalior ka nam leta hai to wo
    banda apna rishtedar lagta hai itna lgav hai mujhe
    gwalior or gwalior ke bandon se kunke DADA JEE
    KA GHAR OR NANA JEE KA GHAR DONO GWALIOR
    ME HE HAIN AP LIKHTE RAHIN HM PADHTE RAHAIN

  8. pawan saxena (mumbai)
    Posted September 11, 2008 at 7:29 AM | Permalink

    DIPAK JI,

    blog me gwalior ke dipak ki roshani se bahut dino baad apna shahar yaad aaya

    Heart ke near,sabka dear……..
    apna payaara GWALIOR…..

  9. विकास श्रीवास्तव
    Posted October 8, 2008 at 9:50 AM | Permalink

    दीपक जी, दोपहर की नमस्ते…।
    हिन्दी रचनायें दूंदने के क्रम में आपकी रचनाअओं को पदने का अवसर मिला…।बिल्कुल मेरे मन मुताबिक हैं। अभी-अभी ही प्दना शुरू किया है…उम्मीद है जल्द ही सारी पद दालूंगा
    अब ज़्ररा अपने बारे मे भी बता दूं…॥मै भिन्ड से हूं और यदा कदा मैं भी लिखने लग जाता हूं…॥बाकी की बात आपसे फ़िर करेंगे अभी आपकी और्र भी रचनायें पदनीं हैं
    आपका शुभेक्षुक
    विकास श्रीवास्तव
    अ/28,शास्त्री कोलोनी
    भिन्ड (मध्य प्रदेश)
    +919893308324

  10. Posted June 12, 2009 at 8:18 PM | Permalink

    Dear Sir,
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  11. Posted June 16, 2009 at 11:53 PM | Permalink

    आप बहुत अच्छा लिखते हैँ
    VIJAY KUMAR PATHAK
    VILL-MATHIYA
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    DIST-KUSHINAGAR
    STATE-U. P. (INDIA)
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    E-mail :
    dsnlindia@gmail.com
    vpathak71@yahoo.com

  12. Amit
    Posted July 31, 2009 at 9:38 PM | Permalink

    Mai apka tahe dil se shukra gujar hu kahanh likhane ke liye dipak ji mai mumbai se hu aur mujhe vikas ji jante hai mera mobile no. Hai 9867544166 amit goregao west mumbai


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