जब टूटता है सन्नाटा-हिंदी शायरी


जब जज्बातों में आता ठहराव

तब शब्द खामोश हो जाते

स्तब्ध मन

सन्नाटे में ताकता है

उस समय न सोचना अच्छा लगता है

न बोलना

तब भी अंतर्मन समेटता है कई ख्याल वहां

वही अंदर बनाते हैं आशियाना

जिनमें रहते हुए शब्द होते हैं ताकतवर

जब टूटता है सन्नाटा

बहते चले जाते

कहीं कहानी तो कहीं कविता बन जाते
………………………..

2 Comments

  1. Posted July 9, 2008 at 2:05 PM | Permalink

    this for u

  2. muzakkir ali
    Posted September 26, 2008 at 6:43 AM | Permalink

    ygg ygb gytfb gy


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