अपने मित्रों को भी ब्लोग भेजते हैं पाठक

आंकड़े बोल सकते हैं तो ब्लाग क्यों नहीं चल सकता। मेरा यह ब्लाग भी चला और अपने माडरेटर के मित्रों से निभाता रहा। कहता कुछ नहीं पर संकेत देते हुए समझा रहा है यह ब्लाग कि लोगांे को हंसना और ठहाके लगाने वाली पोस्टें चाहिए। इसलिये वह हंसते रहो और ठहाका में अपने लिये कुछ ढंूढ रहा है।

मैंने अपने ब्लाग पर कुछ मित्रों को लिंक इसीलिये दिए कि उन्हें समय-समय पढ़ूं और कमेंट भी लिखता रहूं और सीखने को तो कुछ मिल ही जायेगा पर ऐसा नहंी कर सका और अधिकतर ब्लाग मैंने फोरम पर ही खोले कर कमेंट लगाये पर पाठक ने इनको पढ़ा। मेरे स्वयं के ब्लाग सबसे ऊपर हैं और लिंक किये गये ब्लाग नीचे हैं पर पाठक उनको पार कर नीचे आया और उसने कोशिश की कुछ और पढ़ने की।

हंसते रहो को 148 बार और ठहाका 123 बार खोलकर वह ढूंढता आ रहा है अपने लिये हंसने के लिए कुछ पठनीय सामग्री। फिर उसने अपने माडरेटर मित्रों से मित्रता निभाने का काम भी किया जो कि इस हिंदी ब्लाग जगत के लिये एक संकेत है कि ब्लागिंग एक ऐसी विधा है जिसका बहुद्देशीय उपयोग हो सकता है। इतना ही नहीं ब्लाग का माडरेटर न केवल अपने लिये बल्कि दूसरों के लिए भी अपने ब्लाग पर पाठक जुटा सकता है। मतलब साफ है कि अगर व्यवसायिक वेब साइटें अगर अपने लिये लोग जुटाना चाहती हैं तो वह ब्लागरों की मदद भी ले सकतीं है। जब हिंदी ब्लाग जगत बृहद रूप लगा तब ब्लागरों के लिय अच्छे अवसर होंगे पर वह भी तभी जब वह आम पाठक के करीब होंगे। इसके लिये केवल कुछ लिखना ही पर्याप्त नहीं होगा बल्कि उद्देश्यपूर्ण लिखना भी आवश्यक होगा ताकि पाठक अधिक से अधिक ब्लाग पर बना रहना चाहे।

यह सही है कि इस ब्लाग का बीस हजार पार करना कोई बड़ी घटना नहीं है। मेरे पास अपने ब्लाग स्पाट के शूरूआती आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं पर सब मिलाकर मेरे ब्लागों 1 लाख 25 हजार से अधिक व्यूह होंगे। अभी वर्डप्रेस के ही दो ब्लाग बीस तो दो दस हजार के करीब पहुच रहे हैं। मैंने अपने प्रयोंगों से एक निष्कर्ष निकाला है कि अपने ब्लाग पर पाठक नहीं ला सकता पर अपना ब्लाग वहां पहुंचा सकता हूं जहां पाठक हैं। अपना ब्लाग लिखने के बाद मै। यह सोचता हूं कि उसे ले कहां जाना है और ले जाने के लिये चुनना पड़ता है कोई शब्द और वही उस ब्लाग का सारथि होजाता है। फिलहाल इस ब्लाग से दूसरे ब्लाग पर गये पाठकों के आंकड़े नीचे प्रस्तुत है जो इस न केवल ब्लाग की शक्ति को बताते हैं बल्कि दोस्त ब्लागरों के साथ निभाते भी नजर आते हैं। इसमें महक जी का ब्लोग लिंक नहीं है पर उन्होने जो कमेन्ट लगाए तो पाठक वहाँ का क्लिक कर उनके ब्लोग पर गए.

URL Clicks
hansteraho.wordpress.com 148
thahakaa.blogspot.com 123
anantraj.blogspot.com 58
bhavnaye.blogspot.com 55
deepakbapukahin.wordpress.com 54
udantashtari.blogspot.com 53
hi.wordpress.com/tag/हास्य-व्यंग्य… 35
rajlekh.blogspot.com 30
anuradhasrivastav.blogspot.com 29
hi.wordpress.com/tag/शेर-ओ-शायरी… 28
ghughutibasuti.blogspot.com 27
thumri.blogspot.com 26
mamtatv.blogspot.com 24
parikalpnaa.blogspot.com 24
dpkraj.blogspot.com 24
abhivyakti-hindi.org 23
hi.wordpress.com/tag/शायरी 23
deepakraj.wordpress.com 20
dpkraj.wordpress.com 19
hindiblogs.com 19
hi.wordpress.com/tag/आध्यात्म… 18
hariraama.blogspot.com 18
anubhuti-hindi.org 17
deepkraj.blogspot.com 13
mehhekk.wordpress.com/wp-admin 12
blogvani.com/logo.aspx?blog=rajlekh.w… 9

One Response to “अपने मित्रों को भी ब्लोग भेजते हैं पाठक”

  1. बीस हजारी होने की बधाइयाँ, ऐसे ही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करें यही शुभकामना…

Leave a Reply