शब्द होते हैं कीमती-कविता साहित्य

कुछ पल की खामोशी से
यूं मन खिल जाता
जो चिल्ला कर कहने की होती इच्छा
उसे पी जाने का ख्याल आता
अपनी जुबान से कीमती शब्द
उसे ही उपहार में सौंपो
जो अच्छी तरह सुन और समझ पाता
वरना यहाँ तो बेसब्र लोगों की
भीड़ चारों तरफ है
जो समझना तो दूर
आधे शब्द का अर्थ अपनी अक्ल से
उलटा ही कर लड़ने लग जाते
उनको समझना कम
झगडा करना अधिक आता
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3 Responses to “शब्द होते हैं कीमती-कविता साहित्य”

  1. उनको समझना कम
    झगडा करना अधिक आता

    सत्य!

  2. bahut sahi shabdh bahut kimati hote hai,sambhalkar kiske samne kya kehna hai sochna chahiye.beautiful words.

  3. i like it ,very beautiful very sweet

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