ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर (४)

ब्लोग लेखक और लेखक ब्लोगर के बीच में बहुत अधिक अंतर तो परिलक्षित नहीं होगा पर उनकी स्वाभाविक गतिविधियों में यह दिखाई देगा। लेखक ब्लोगरों को इसकी परवाह नहीं होगी की उनके बारे में क्या सोचता है पर लेखक ब्लोगरों में इसकी चिंता अभी से जाहिर होने लगी है। मुझे पता नहीं है कि हिन्दी के अलावा अन्य भाषाओं में भी ऐसे फोरम हैं कि नहीं पर ऐसा लगता है कि हिन्दी ब्लोगर के लिए यह दिलचस्प मंच बनते जा रहे हैं।

मैं जब इन फोरमों में ब्लोग पढता हूँ तो हाल पता लग जाता है कि कौन ब्लोग लेखक है और कौन लेखक ब्लोगर। अभी इन फोरमों पर विचरण करने वाले केवल ब्लागस्पाट.कॉम के ब्लोगरों को यह नहीं मालुम कि वर्डप्रेस भी इसी तरह की फोरम है और उसके ब्लोग पर काम करने वाले ब्लोगर तो उनके दृष्टिपथ में ही इतने नहीं आते क्योंकि उनका अपना एक अलग तरीका है। कैसे? मैं वर्डप्रेस के ब्लोगरों के ब्लोग पर कभी भी निराशाजनक विचारों वाली पोस्ट नहीं देखता। दरअसल इसके पीछे कारण यह है कि उनको अपनी पोस्टें इन हिन्दी के फोरमों के बाद भी चलती दिखती हैं जबकि ब्लागस्पाट.कॉम के ब्लोगर-जिनके वर्डप्रेस पर ब्लोग नहीं है-अपनी पोस्टों को नीचे जाते देख थोडा उदास हो जाते हैं और यहीं उनकी निराशा का कारण हो सकता है। हालांकि मुझे एक अफ़सोस भी है कि वर्डप्रेस के ब्लोगर इन फोरम पर भी इतनी तफरीह करते हों लगता नहीं है। कुछेक को छोड़ दें बहुत सारे वर्डप्रेस के ब्लोग वहीं तक ही सिमट रहे हैं भले ही उनके ब्लोग नारद, ब्लोगवाणी, चिट्ठाजगत और हिन्दी ब्लोग्स पर पंजीकृत हैं। ब्लोगों पर लगने वाली कमेन्ट में उनकी उपस्थित अधिक नहीं लगती दूसरा उनके कमेन्ट मुझे ब्लागस्पाट।कॉम के ब्लोग पर नहीं मिलते-और मुझे कभी-कभी तो यह लगता है कि ब्लागस्पाट.कॉम पर पोस्ट डालकर मैं अपने पचास प्रतिशत पाठक खो रहा हूँ। कम से कम उन ब्लोगरों से तो परे हो ही जाता हूँ जो केवल वर्डप्रेस पर ही विचरण कर रहे हैं। मैं कोइ ब्लागस्पाट.कॉम वाली पोस्ट जब वर्डप्रेस।कॉम पर डालता हूँ तो फोरम से इतने पाठक नहीं मिलते पर उससे अधिक वहाँ मिलते हैं और वह वहीं के ब्लोगर ही होते हैं, व्युज देखने से पता लग जाती है।

जो ब्लोगर निराशाजनक विचारों वाले पोस्टें लिख रहे हैं उन्हें बता दूं कि यह फोरम ही सब नहीं है और वह सिमटें नहीं। मैं यह पोस्ट वर्डप्रेस पर डालने वाला हूँ और यह कल भी चलती दिखाई देगी पर इसका मतलब यह नहीं है कि मैं कोई अहं दिखा रहा हूँ। मेरे विचार से ब्लागस्पाट।कॉम के ब्लोगर अगर अपने यहाँ काऊंटर लगायेंगे तो उनको पता लगेगा कि फोरमों में नीचे आने के बाद भी उनके ब्लोग पढे जाते हैं और उस पर पाठक आते हैं। मुद्दा वही है कि आप किस तरह के विषय पर लिख रहे हैं और वही आपको ले जाने वाला है। ब्लागस्पाट.कॉम के मेरा एक ब्लोग शब्द्लेख सारथी है जिसका मैं अध्ययन करता हूँ तो पता लगता है कि अगर आपके विषय सार्वजनिक चर्चा के योग्य हैं तो पाठक ही नहीं कई वेब साईट भी उसे लिंक कर लेतीं हैं। इसलिए किसी काऊंटर को लगा लें तो बेहतर होगा बजाय इसके कि ब्लोगरों के लेखन और व्यवहार पर निराशाजनक पोस्टें लिखने के वह कुछ रचनात्मक लिखें। कौन ब्लोगर अक्खड़ है और कौन लिख्खड़ यह एक मुद्दा है पर भला यहाँ कोई किसी की सुनने वाला है? अपने लिए बेहतर मित्र ढूंढना अच्छी बात है पर उनसे हर पोस्ट पर कमेन्ट की अपेक्षा करना व्यर्थ है और उसे अहंकारी मानना भी गलत है। मैं जिज्ञासु हूँ और इधर-उधर देखकर जो सीखता और समझता हूँ वही अपने साथियों से बांटता हूँ। आखरी बात दुनिया बहुत बड़ी है और तुमने ऐसा क्या लिखा है कि लोगों का ध्यान इस तरफ जाये। अभी तो सफर शुरू हुआ और हम में से कुछ लिखना बंद कर देंगे तो ब्लोग लिखना बंद नहीं हो जायेगा अन्य लिखने वाले आयेंगे और जो लिख रहे हैं उनको भी चुनोतियाँ मिलने वाली है और इस देश में पीडा और तकलीफ का जब तक वजूद है उसका अपने मन से निग्रह करने के लिए लिखना एक श्रेष्ठ साधन है।

5 Comments

  1. mehhekk
    Posted January 6, 2008 at 4:13 PM | Permalink

    aapne tho kuch hi panktiyon mein sab kuch likh diya.sab ek dam sach hai.write for ourslef,write for your thoughts can be expressed in god way rather wasting them after they come in your mind and go like wave.if u write thoughts will become a big sea one day.am totaly with u deepakji on this blog whatever u have said.

  2. Shastri JC Philip
    Posted January 6, 2008 at 5:56 PM | Permalink

    “जो ब्लोगर निराशाजनक विचारों वाले पोस्टें लिख रहे हैं उन्हें बता दूं कि यह फोरम ही सब नहीं है और वह सिमटें नहीं।”

    बहुत अच्छा विश्लेषण !!

  3. Posted January 6, 2008 at 6:03 PM | Permalink

    बहुत बढिया लेख है बधाई स्वीकारें।

  4. जेपी नारायण
    Posted January 6, 2008 at 10:05 PM | Permalink

    ब्लॉगिंग के क्षितिज के उस पार क्या है, वहां तक देख पाने की दृष्टि देने के लिए धन्यवाद। संक्षिप्त सामग्री में ढेरों जरूरी जानकारियां संमेट ली हैं आपने।

  5. Posted January 11, 2008 at 7:23 AM | Permalink

    मैं तकनीकी विषयों पर भी लेख लिखता हूँ, जिनमें पोस्ट में HTML कोड भी डालने होते हैं तब वर्डप्रेस.कॉम ऐसा करने नहीं देता या फिर कोड में अपनी मर्जी से उल्टे सीधे शब्द जोड़कर कोड को खराब कर देता है।
    इसीलिये मजबूरी में मैने अपने तकनीकी लेखों के लिये ब्लॉगर पर एक नया ब्लॉग बना लिया। बाकी अपनी पहली पसन्द तो वर्डप्रेस.कॉम ही है। :)
    अपने लेख की लाईनों को हाईलाईट कीजिये


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