दिल के सोच जैसी होगी दुनिया
मन का खोखलापन
तन को रुग्ण कर देता हैं
विचारों की कलुषिता से
अपना दिल ही बैचेन कर देता है
हम अपने ही दायरों में कैद हो जाते हैं
जैसा ख़्याल दिल में होगा
वैसा ही दृश्य हमारे सामने
हर हाल में प्रकट होगा
ख्वाब देखना ठीक है
पर अगर पूरे न हौं तो
देखने वाले तकलीफ उठाएँ जाते हैं
जैसी सोच होती है
वैसी ही दुनिया सामने नजर आती है
कुछ अच्छा और बुरा नहीं
नजरिया जैसा होता है
वैसे ही अहसास हो जाते हैं
इसलिये जैसी दुनिया
देखना चाहते हो
वैसी ही सोच के साथ चलो
ख़्वाबों और ख्यालों में
कुछ खूबसूरत नजरिये
जोड़ते हुए उनके साथ ढलो
जिन्दगी का सफर तो सभी काटते हैं
कुछ रोते कराहते गुजारते हैं
जो हँसते, गुनगुनाते और अपनी
हकीकतों से करते हैं दोस्ती
वही सुख के पल जीं पाते हैं
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