मनु स्मृति:आग और पानी की पवित्रता बनाए रखें

blogvaniHindi Blog Aggregatorचिट्ठाजगतHindi Blogs. Com - हिन्दी चिट्ठों की जीवनधारा

  1. आग को मुहँ से नहीं फूंकना चाहिए। आग में मल-मूत्र नहीं फैंकना चाहिए तथा आग के सामने पैर रखकर तापना नहीं चाहिए।
  2. आग को किसी तरह के सामान (जैसे-मेज, कुर्सी, पलंग आदि) के नीचे नहीं रखना चाहिए, न आग को लांघना चाहिए और न ही कोइ ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे जीव हिंसा का भय हो।
  3. जो आग सूरज, चांद ,पानी मनुष्य, गाय और हवा के सामने मल-मूत्र का त्याग करता है उसकी बुद्धि नष्ट हो जाती है।
  4. संध्याकाळ में भोजन भक्षण, यात्रा और विश्राम नहीं करना चाहिए और अपने गले में पहने हुई माला को नहीं उतरना चाहिऐ।
  5. जल में मल -मूत्र, कूडा,रक्त तथा विष आदि नहीं बहाना चाहिए, इससे पानी प्रदूषित हो जाता है, पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
  6. बद्धिमान व्यक्ति पानी पीती गाय को न तो स्वयं हांकते हैं न किसी को हांकने के लिए कहते हैं।
  7. चिकनाई निकाले गए पदार्थों का भोजन नहीं करना चाहिऐ, कई बार पेट भरकर भोजन नहीं करना चाहिए, बहुत सवेरे अथवा शाम हो जाने पर भोजन नहीं करना चाहिए। प्रात:काल भर पेट भोजन से तृप्त होने के बाद पुन: शाम को भोजन नहीं करना चाहिऐ।

Post a Comment

Your email is never published nor shared. Required fields are marked *

*
*