हास्य कविता -कवि सम्मेलन में पहुंचा जब ब्लोगर

एक कवि सम्मेलन में मंच पर
पहुंच गया ब्लोगर
लोगों ने समझा कोई नया कवि आया
सबकी पुरानी कवितायेँ झेलते हुए
उसको सुनने के इन्तजार में बिताया
आख़िर उसके मित्र कवि संचालक ने
उसे भी कविता सुनाने के लिए बुलाया
‘और कहा कि आज हम सुनेंगे
अंतर्जाल के महान कवि जो बहुत हिट हैं
नए जमाने में पूरी तरह फ़िट हैं ‘
ब्लोगर ने गला किया साफ और
सुनाने लगा वहीं सुनाई गयी
कविताओं के अंश
साथ मे रखता ‘बहुत बढ़िया’
और ‘बहुत सुन्दर’ जैसे शब्द
लोग चीखने और चिल्लाने लगे
और पूछने लगे
‘कैसा है ब्लोगर यहीं की कवितायेँ
फिर हमें सुनाता है और
अपने दो शब्द चिपकाता है’

ब्लोगर बोला
‘ यह ठीक समझो कि
यहाँ कुछ पंक्तियां लेकर
कमेंट लगा रहा हूँ जैसे
वहां करता हूँ
अगर पूरी की पूरी पोस्ट ही लिंक कर देता
तो तुम्हारा क्या हाल होता
सोचो तुम्हारा कितना समय बच जाता है ‘

लोग हल्ला मचाने लगे
कवियों ने उसे किसी तरह वहाँ से हटाया
वह अपने मित्र से बोला
‘कैसे लोग हैं ज़रा भी तमीज नहीं है
कितना हिट हूँ मैं वहां
यहाँ हूट कर दिया
नहीं जानते कि कैसे
ब्लोगर का सम्मान किया जाता है’

कवि मित्र बोला
‘इतनी जल्दी घबडा गये
हमारे साथ रोज ही ऐसा हादसा पेश आता है
तुम खुश किस्मत हो कि
तुम्हारे कंप्यूटर से कोई बाहर नही आता है’
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One Comment

  1. dineshwar mali
    Posted November 30, 2008 at 1:21 PM | Permalink

    muje aapaki kavita bahut hi badhiya lagi aap vakai me ahchha likhate ho


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