हास्य कविता -प्रवेश वर्जित
कई बार चुनाव हार चुके
और अब राजनीति से निवृत होने के बाद
गुरुजी ने डाली’पोलिटिक्स कोचिंग की नींव
और एडमीशन की शर्तों में खुल्लम खुल्ला
बाहर बोर्ड पर ही लिख दिया
‘सामान्य आदमी के बच्चों का प्रवेश वर्जित
केवल उन्हें ही दी जायेगी कोचिंग
जिनके परिवार के सदस्यों ने की होगी
समाज में ख्याति अर्जित’
कोर्स की डिटेल में दिया
‘धनिकों से चन्दा उगाहने
और गरीबों से वोट जुटाने का
पूरा अभ्यास कराया जायेगा
काले धन को सफ़ेद करने
और सफाई से काम करने का
प्रशिक्षण इस तरह दिया जायेगा कि
किसी घोटाले में नाम नही आयेगा
रहेगा सिर हमेशा गर्वित
सफ़ेद चेहरों में नाम रहेगा चर्चित’
जिसे देखो हर खास आदमी
अपने उत्तराधिकारी को वहाँ ला रहा था
सब यही कह रहे थे कि
‘हमारे बच्चे को ट्रेंड कर दो
चाहे जितनी फ़ीस ले लो
पर आम आदमी और उसके बच्चे का
जैसा हर शो बिजिनेस में है
वेसा ही रखो प्रवेश वर्जित’
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