गुरुदक्षिणा और फीस

blogvaniHindi Blog Aggregatorचिट्ठाजगतHindi Blogs. Com - हिन्दी चिट्ठों की जीवनधारा 

ट्यूशन के टीचर ने 
अपने स्टुडेन्ट से कहा 
‘कल हमारी गुरु दक्षिणा लेकर आना 
अगर पिताजी न दें तो न आना’
हतप्रभ स्टुडेन्ट ने कहा
‘सर, यह गुरुदक्षिणा क्या होती है
कहाँ  मिलती है
और कितने  में मिलती  है 
मैं पापा से कहूँगा तो वह ले आयेंगे 
पर उन्हें इस बारे में 
कुछ  तो पडेगा बताना’
 
टीचर हो गये आग-बबूला
और गुस्से में बोले 
‘एक तो लेट  पैसे देते हो फिर ऊपर से
मजाक करते हो 
तुम्हें शर्म भी नहीं आती 
गुरुदक्षिणा  का मतलब है मेरी फीस 
नहीं समझ आये मेरी बात
तो कल से यहाँ नहीं आना ‘
 
दूसरा विद्यार्थी बोला
सर, गुरुदक्षिणा तो गुरु को 
गुरुकुल में रहने और पढ़ने पर 
दी जाती  है
आप तो हैं  टीचर हमारे 
टीचर को तो फीस दी जाती है 
घर पर गुरुदक्षिणा कहेंगे तो 
कोई नहीं समझेगा 
वहां तो फीस ही  पडेगा बताना 
 
 
टीचर हैरान और परेशान  हो गये
तब से वह  स्वयं  को 
टीचर  ही मानते हैं
बंद कर दिया गुरु कहलाना   
 

Post a Comment

Your email is never published nor shared. Required fields are marked *

*
*