शादी से पहले और शादी के बाद
पत्नी जोर से पति पर
चिल्लायी ‘शादी से पहले
प्रेम के समय रोज आसमान से
चांद-तारे तोड़ने के वादे करते थे
शादी के बाद दिला नहीं सके
कान के लिये बाली
जब देखो जेब होती है खाली
मैं कभी तुमसे शादी नहीं करती
मालूम होता कि
तुम इतने कँगले थे’
पति ने कहा-’शादी से
पहले मैने चांद पर चीन की
जिस कंपनी से प्लाट
खरीद किया था
उसका दिवालिया निकल गया है
तेरे प्रेम में अंधा होकर
मैने वहाँ बसने के सपने देखे थे
सब हो गया तुझ पर खर्च
आज भटक रहा हूँ किराये के मकान में
कभी मेरे पास पिताजी के दो बंगले थे
————————-
प्रेमी ने प्रेमिका से पूछा
‘तुम चाहो तो आसमान से
चांद तोड़ लाऊं ?’
प्रेमिका बोली
‘मेरी सहेली का बॉयफ्रेंड भी
यही कह रहा था
कहीं वह तोड़ ले आया होगा
तो तुम्हारे इतनी दूर जाने से
क्या होगा फायदा
पहले सहेली से पूछ कर आँऊ
———————————–
वह हर प्रेमिका से आसमान से
चांद तोड़ लाने का वादा करता है
जब कोई प्रेमिका पूरा
करने के लिये कहती है
वह दूसरी के तलाश में जुट जाता है
————————————-
Filed under: Blogroll, arebic, edcation, family, geet, india, inglish, internet, kavita, life, media, online journalism, sanskrati, shayree, shayri, sher, social, telent, कविता, क्षणिका, दिल का सौदा, व्यंग्य चिंतन, शेर, शेर-ओ-शायरी, हास्य-व्यंग्य, हिंदी, हिंदी साहित्य



